रावत की कलम से
Hindi Poetry
17/12/2012
हिंदी शायरी By Rawatji
प्रेम का रोग भी बड़ा अजीब है
देखता न अमीर न गरीब है.
चाहे कितने भी पहरे लगा लो,
प्रेमी एक दूजे के सदा करीब हैं.
© अनूप रावत "गढ़वाली इंडियन"
Date: 03-09-2012
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